SEO

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<h2><strong>SEO क्या है?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> SEO या सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन, वेबसाइट या वेबपेज को सर्च इंजन में अच्छी रैंक देना, एसईओ ले जरिए यदि किसी वेबपेज या वेबसाइट को ठीक से ऑप्टिमाइज़ किया जाता है, तो वह पेज सर्च इंजन पर शीर्ष स्थान पर दिखाई देता है। SEO का उद्देश्य सर्च इंजन रिजल्ट्स के जरिए आपकी वेबसाइट या वेबपेज पर ऑर्गेनिक या अनपेड ट्रैफिक बढ़ाना होता है|</p>
<p><strong>Look it also</strong>:
<h2><strong>On-page और Off-page SEO क्या है?</strong></h2>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">उत्तर:-</span> On-Page SEO:</strong> SEO की इस प्रक्रिया में HTML के माध्यम से वेबसाइट के वेब पेजेज को ऑप्टिमाइज़ करते है जैसे कंटेंट , कीवर्ड डेंसिटी, मेटल टाइटल, और डिस्क्रिप्शन, पेज टाइटल, युआरएल स्ट्रक्चर, इंटरनल लिंकिंग आदि ऑन-पेज ऑप्टिमाइजेशन का भाग है|</p>
<p><strong>Off-Page SEO:</strong> इस एक्टिविटी में वेबसाइट के लिए हम बाहरी वेबसाइट पर लिंक बनाते है जिससे वेबसाइट को रेफेरेल ट्रैफिक मिलता है. ऑफ पेज में लिंक कई तरह से बनाए जा सकते है जैसे, ब्लॉग डायरेक्टरी सबमिशन, फ़ोरम सबमिशन, सोशल बुकमार्किंग, सोशल मीडिया एंगेजमेंट आदि ऑफ-पेज एसईओ में शामिल है।</p>
<h2><strong>गूगल के अलावा अन्य सर्च इंजन के नाम बताये?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> कुछ लोकप्रिय और अधिक इस्तेमाल होने वाले सर्च इंजन है, बिंग, याहू, बैदु और यांदेक्स आदि</p>
<h2><strong>Crawling &amp; indexing क्या है?</strong></h2>
<ol>
<li><strong>Crawling:</strong> एक प्रिक्रिया है जिसके माध्यम से सर्च इंजन के वेबसाइट के पेजेज को अपने क्रॉलर / बॉट जरिये देता इकठ्ठा करते है| साधारण शब्दों में क्रॉलर वेबसाइट का अध्ययन , वेब पेजेज, लिंक और वेबसाइट के कंटेंट का अपने क्रॉलर / बॉट के जरीय पहचानते है|</li>
<li><strong>Indexing</strong>: जब किसी वेबसाइट के डेटाबेस को सर्च इंजन में इंडेक्स किया जाता है तो वेबसाइट के पेजेज पर ट्रैफिक और सर्च क्वेरीज जारी हो जाती यह इंडेक्सिंग किसी भी वेबसाइट के लिए एक सबसे महत्वपुर प्रिक्रिया है.</li>
</ol>
<h2><strong>SEO में Keywords का महत्व बताएं?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> कीवर्ड शब्द बताते है की वेबपेज पर प्रकाशित किया गया कंटेंट किस बारे में किसी वेबसाइट को ऑप्टिमाइजेशन करने के लिए कीवर्ड का चयन करना SEO का सबसे प्रथम कार्य है क्यूंकि सर्च इंजन में कीवर्ड सर्च करने के बाद ही कोई यूजर आपकी वेबसाइट तक पहुँचता है|</p>
<h2><strong>Keyword Research करने के लिए क्या प्रक्रिया होनी चाहिए?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> कीवर्ड रिसर्च करना एक लंबी और विस्तृत प्रक्रिया हो सकती है, निचे कुछ स्टेप दिए है कीवर्ड रिसर्च के लिए.</p>
<ol>
<li>यदि आप किसी रिसर्च कर रहे है तो सबसे पहला स्टेप है की वेबसाइट की केटेगरी को एनालिसिस करना की वेबसाइट का कंटेंट या सर्विस किस बारे में फिर उसके बाद सर्च इंजन में आप आपने कोम्पेतिटर के वेबसाइट देखे और वहां देखे की उसने आपकी सर्विस से संबंधित किस किस कीवर्ड का इस्तेमाल अपनी वेबसाइट और वेबपेजेज में किया है इसका अध्यन करने के बाद आप अपनी कीवर्ड लिस्ट के एक बकेट तैयार करे.</li>
<li>प्रथम स्टेप में इकठ्ठा गए कीवर्ड से सबन्धित और अनेक शब्द खोजे की आप उन कीवर्ड से और किस तरह के कीवर्ड तैयार कर सकते हो एक पेज के लिए.</li>
<li>तीसरे स्टेप में आप कुछ लम्बे मतलब लॉन्ग टेल कीवर्ड की लिस्ट तैयार करे जिन्हें लोग अक्सर ज्यादा सर्च करते हो और आपकी प्रिमेरी और सेकेंडरी कीवर्ड से मिलता जुलते हो.</li>
<li>चोथे स्टेप में आप किसी टूल का इस्तेमाल कर सकते हो जैसे गूगल एडवर्डस इस टूल में आप अपनी वेबसाइट के सही कीवर्ड की लिस्ट तैयार कर सकते हो गूगल एडवर्डस बहुत सही टूल है कीवर्ड और कोम्पेतिटर एनालिसिस के लिए.</li>
</ol>
<h2><strong>Description और title tag की लिमिट कितनी होनी चाहिए?</strong></h2>
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<li><strong>Meta Description:</strong> मेटा डिस्क्रिप्शन कंटेंट की लिमिट 150 – 160 करेक्टर्स के बिच चाहिए चाहिए|</li>
<li><strong>Title:</strong> टाइटल टैग की लिमिट 50 से 60 करेक्टर्स के बिच होनी चाहिए|</li>
</ol>
<h2><strong>Structured data क्या होता है?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> यदि आपका कोई वेबपेज सर्च इंजन रिजल्ट में ‘rich snippet’ रेलेक्ट हो रहा है तो यह बताता है की इस पेज में structured data integrate है| सरल शब्दों में यदि बात करें तो structured data के लिए एक स्पेशल कोड की जरुरत होती है जिसे वेब पेज की SERP को बेहतर बनाया जा सकते इसे सर्च इंजन आसानी से समझते है और राकिंग के लिए भी यह सही है|</p>
<h2><strong>Anchor text क्या है?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> किसी टेक्स्ट पर यदि हाइपरलिंक विज़िबल हो तो वह एक एंकर टेक्स्ट कहलाएगा| SEO के लिए Anchor texts वैल्युएबल होते है और अक्सर इसे अन्य वेबसाइट पर बेकलिंक के तौर पर इस्तेमाल करते है| वेबपेजेज से सम्बंधित एंकर टेक्स्ट्स किसी वेबसाइट की search engine performance के लिए बहुत पॉजिटिव प्रभाव डालते है|</p>
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<h2><strong>आप किसी वेबसाइट को SEO के लिए कैसे optimizing करोगे?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> किसी भी वेबसाइट का SEO ऑप्टिमाइज़ करने के लिए निम्न पॉइंट है|</p>
<ol>
<li>पहला पॉइंट वेब पेज के लिए रेलेवेंट और एक्यूरेट कीवर्ड की analysis इसमें लॉन्गटेल और</li>
<li>शोर्ट-टेल कीवर्ड शामिल होने चाहिए|</li>
<li>हाई क्वालिटी कंटेंट जोकि लगभग 1200 से 1500 शब्दों के बिच का हो साथ ही कीवर्ड ऑप्टिमाइज़|</li>
<li>वेबसाइट के वेबपेजेज का on-page और off-page optimization ताकि क्वालिटी</li>
<li>वेबसाइट से ज्यादा से ज्यादा हाई-क्वालिटी बेकलिंक बन सकते|</li>
<li>मोबाइल रेस्पोंसिव डिजाईन</li>
<li>पेज स्पीड</li>
</ol>
<h2><strong>Keyword density क्या है?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> कीवर्ड डेंसिटी का मतलब है की आपने कितने प्रतिशत कीवर्ड का प्रयोग पेज पर कुल शब्दों की तुलना में अपने वेबपेज पर किया है| कीवर्ड डेंसिटी वेब पेज के कंटेंट ऑप्टिमाइज़ करने में बहुत सहायक होती है कीवर्ड वेबपेज कंटेंट में ज्यादा अधिक कीवर्ड स्तुफ्फिंग न इस्तेमाल करे. एक सही कीवर्ड डेंसिटी एक से तीन प्रतिशत तक हो सकती है.</p>
<h2><strong>Long-tail keyword क्या होते है?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> लॉन्ग टेल कीवर्ड को सही से पहचानने के लिए आपको पहले मुख्य कीवर्ड को पहचानना जरुरी है. मुख्य कीवर्ड एक तरह से शोर्ट-टेल कीवर्ड और रोज और अधिक सर्च होने वाले कीवर्ड होते है (जैसे, फ़ोन ऑनलाइन) लॉन्ग-टेल कीवर्ड सर्च को अधिक विशिष्ट बनाते जैसे फ़ोन अंडर 2000 रुपये)</p>
<h2><strong>Canonical URLs क्या होते है?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> जब कोई अन्य सिमिलर कंटेंट किसी अन्य पेज पर भी प्रकाशित हो रखा हो तो उस स्थिति में हम कैनोनिकल URLs का इस्तेमाल करते है, क्नोनिकल वेबपेज पर डुप्लीकेट कंटेंट की समस्या से बचाता है और भविष्य में आने वाली सर्च इंजन के कोई पनाल्टी से बचाव हो सकता सकता है.</p>
<h2><strong>Meta description क्या है?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> मेटा डिस्क्रिप्शन एक वेब पेज के सौर्स में एक HTML टैग होता है मेटा डिस्क्रिप्शन लगभग 155 से 160 के बिच हो सकती है यह वेब पेज के बारे में एक छोटा कंटेंट होता है|</p>
<h2><strong>Alt-attributes किसलिए इस्तेमाल होता है?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> Alt-attribute इमेज पर इस्तेमाल होने वाले एक HTML टैग होता है जिससे गूगल को पता चलता है की वेब पेज पर पोस्ट हुई इमेज किस बारे में बताती है क्यूंकि गूगल टेक्स्ट को रीड करता है इमेज को नहीं इस प्रिक्रिया के लिए इमेज पर alt-attribute लगाना बहुत जरुरी और पेज ऑप्टिमाइजेशन के लिए जरुरी है|</p>
<h2><strong>बेकलिंकिंग क्या है और ये SEO में किसलिए लाभदायक है?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> बेकलिंक एक तरह का हाइपरलिंक होता है जिसे हम दूसरी अन्य वेबसाइट से लेते है. SEO में बेकलिंक बनाना किसी वेबसाइट की रैंकिंग के लिए बहुत जरुरी है क्यूंकि यदि वेबसाइट के बेकलिंक जितनी सही और क्वालिटी की वेबसाइट से होंगे वेबसाइट की रैंकिंग और ट्रैफिक में मददगार होगी. बेकलिंक डोमेन अथॉरिटी बढ़ाने के लिए मुख्य फैक्टर है.</p>
<h2><strong>Backlinking करने के अलग अलग तरीके बताएँ?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> बेकलिंक बनाने के लिए हम फोरम पोस्टिंग, ब्लॉग कोम्मेंतिंग, गेस्ट पोस्ट, बुकमार्किंग, अस्न्वेरिंग आदि.</p>
<h2><strong>SEO के जरुरी ranking factors कौन-कौनसे है?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> SEO के रैंकिंग फैक्टर बहुत है परन्तु कुछ मुख्य फैक्टर निम्न है:</p>
<ul>
<li>क्वालिटी कंटेंट</li>
<li>रेलेवेंट केय्वोर्ड्स</li>
<li>सिक्योर्ड वेबसाइट</li>
<li>मोबाइल फ्रेंडली</li>
<li>हाई-क्वालिटी बेकलिनक्स</li>
</ul>
<h2><strong>Panda और Penguin अपडेटस क्या है?</strong></h2>
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<li><strong>Panda Update</strong>: पांडा अपडेट गूगल की अल्गोरिथम है जो वेबसाइट की रैंक डाउन कर देता है यदि किसी वेबसाइट पर गलत और डुप्लीकेट कंटेंट पब्लिश हुआ होता है और गूगल की गाइडलाइन्स के विरुद्ध कार्य किया हो तो उस वेब साईट पर पांडा अपडेट की एल्गो लगने के अधिक अनुमान होते है|</li>
<li><strong>Penguin Update</strong>: पेंगुइन अपडेट भी एक मशीन लर्निंग अल्गोरिथम है, यह भी वेबसाइट को पेनालिस करने के लिए लौंच की थी जिसमे स्पम्मी बेकलिंक और लो क्वालिटी बेकलिंक होते है|</li>
</ol>
<h2><strong>Google Hummingbird क्या है?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> Hummingbird पांडा और पेंगुइन से विपरीत अपडेट है यह एल्गोरिथ्म वर्ष 2013 में आई है इस उपडेट में गूगल पर इन्फोरमैटिव कंटेंट सबसे ऊपर प्रकशित करती है जिससे यूजर को पढने और समझने में अधिक आसानी होती है|</p>
<p><strong>Visit Also</strong>: Top Interview Tips to make the first impression the best</a></p>
<h2><strong>Domain Authority क्या होती है और ये किसलिए जरुरी है?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> Domain Authority या DA किसी वेबसाइट पर उच्च रैंक करने के लिए महत्वपूर्ण होती है डोमेन अथॉरिटी 1 से 100 के बिच होती है डोमेन अथॉरिटी में ज्यादा स्कोर होना सही होता है| किसी वेबसाइट की DA दर्शाती है की वेबसाइट की क्वालिटी क्या है और इसके बेकलिंक सही जगह से क्रिएट किए हुए है|</p>
<h2><strong>RankBrain क्या है?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> रैंकिंग ब्रेन एक artificial intelligence प्रोग्राम है जो गूगल द्वारा डेवेलोप किया गया हैं रैंकिंग ब्रेन मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करता है अपने डाटा को और सही तरह से प्रकाशित करने के लिए.</p>
<h2><strong>XML sitemap क्या होता है?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> XML (Extensible markup language) Sitemaps URLs की एक लिस्ट होती है जोकि किसी भी वेबसाइट की हो सकती है यह URLs लिस्ट मशीन-रेडबल फॉर्मेट होता है, जिसकी मदद से सर्च इंजन के क्रॉल वेबसाइट के URLs तक पहुँच पाते है|</p>
<h2><strong>AMP क्या है और ये किसलिए उपयोगी है?</strong></h2>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर:-</strong></span> AMP (Accelerated Mobile pages) एक तरह की open source coding framework है जिसे गूगल ने लांच किया था AMP का इस्तेमाल वेबसाइट की स्पीड को और मोबाइल रेस्पोंसिवे बनाने के लिए किया जाता है ये सिर्फ मोबाइल के लिए उपयोगी है|</p>
<p>AMPs सेटअप किसी वेबसाइट के लिए बहुत जरुरी है क्यूंकि इससे न सिर्फ वेबसाइट की स्पीड और मोबाइल रेस्पोंसिवे होती है बल्कि इससे वेबसाइट का बाउंस रेट और SEO में भी फर्क पड़ता है|</p>
<h2><strong>Organic, referral और Paid Traffic को संक्षिप्त में बताएं|</strong></h2>
<ol>
<li><strong>Organic Traffic</strong> – जब कोई यूजर सर्च इंजन से कोई कीवर्ड सर्च करने के बाद आपकी वेबसाइट पर लैंड करता है तो यह आर्गेनिक ट्रैफिक में काउंट होता है|</li>
<li><strong>Referral Traffic</strong> – जब कोई विसिटर किसी अन्य वेबसाइट से किसी हाइपरलिंक या बेकलिंक की मदद से आपकी वेबसाइट तक पहुँचता है तो यह रेफरल ट्रैफिक में जोड़ा जाता है|</li>
<li><strong>Paid Traffic</strong> – यह वह ट्रैफिक होता है जब कोई विसिटर किसी स्पोंसर लिंक या स्पोंसर बैनर पर क्लिक करके आपकी वेबसाइट तक पहुँचता है सर्च इंजन में भी शुरू के रिजल्ट पेड होते है जोकि ‘paid’ search engine marketing &amp; paid social media marketing campaigns कहलाते है|</li>

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